Hindi paragraph on topic ka varsha jab krishi sukhani?
वर्षा ऋतु किसानों के लिए जीवनदायिनी होती है, परन्तु जब यह वर्षा कृषि के लिए अनुकूल नहीं होती, तब स्थिति चिंताजनक हो जाती है। असमय वर्षा, अत्यधिक वर्षा या फिर अपर्याप्त वर्षा सभी कृषि को नुकसान पहुँचा सकती हैं। असमय वर्षा फसलों को नुकसान पहुँचाती है, बीजों को अंकुरित होने से रोकती है और पौधों को सड़ने का कारण बनती है। अत्यधिक वर्षा से बाढ़ आ जाती है, जिससे फसलें डूब जाती हैं और मिट्टी का कटाव होता है। दूसरी ओर, अपर्याप्त वर्षा से सूखा पड़ता है, जिससे फसलों की पैदावार कम हो जाती है और किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। इसलिए, समय पर और उचित मात्रा में वर्षा ही कृषि के लिए लाभदायक होती है। अन्य जल संरक्षण तकनीकों के साथ-साथ, नियमित और संतुलित वर्षा ही किसानों को सुखी और समृद्ध बना सकती है। इसलिए, समय पर और पर्याप्त वर्षा की आवश्यकता कृषि की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।