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मुक्ति की आकांक्षा

चाह है मुक्ति की, बंधन से मुक्त होना चाहता हूँ,

मैं हवा की तरह उड़ना चाहता हूँ,

पक्षी की तरह ऊँचा उड़ना चाहता हूँ।

चाह है मुक्ति की, जेल से मुक्त होना चाहता हूँ,

मैं जंगल में जानवर की तरह दौड़ना चाहता हूँ,

नदी में मछली की तरह तैरना चाहता हूँ।

चाह है मुक्ति की, गरीबी से मुक्त होना चाहता हूँ,

मैं अमीर बनना चाहता हूँ,

मैं दुनिया का सबसे अमीर आदमी बनना चाहता हूँ।

चाह है मुक्ति की, बीमारी से मुक्त होना चाहता हूँ,

मैं स्वस्थ रहना चाहता हूँ,

मैं हमेशा स्वस्थ रहना चाहता हूँ।

चाह है मुक्ति की, मृत्यु से मुक्त होना चाहता हूँ,

मैं हमेशा जीना चाहता हूँ,

मैं कभी मरना नहीं चाहता।

चाह है मुक्ति की, संसार से मुक्त होना चाहता हूँ,

मैं भगवान बनना चाहता हूँ,

मैं सब कुछ बनना चाहता हूँ।

मुझे मुक्ति चाहिए,

मुझे मुक्ति चाहिए,

मुझे मुक्ति चाहिए।

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